मासिक भत्ता योजना – बेरोजगार और गरीब लोगो के लिए

मासिक भत्ता योजना :  केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को 2017-18 के अपने वित्तीय बजट में बेरोजगारों और गरीब लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए मासिक भत्ता योजना की घोषणा की है। सरकार इस योजना के माध्यम से गरीबी को हटाने पर विचार कर रही है। 1 फरवरी 2017 को देश का बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने इस योजना की घोषणा की है।

सूत्रों के अनुसार,वित्त मंत्रालय इस योजना से आने वाले समय में होने वाले प्रभावो पर चर्चा कर रहा है क्योंकि ऐसी योजनाओं से सरकार पर अतिरक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और राजकोषीय घाटा (fiscal deficit ) हो सकता है। सरकार ने सभी बातों पर चर्चा और गहन विश्लेषण के बाद अंतिम निर्णय है।

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आंकड़ो  के अनुसार देश में लगभग 20 करोड़ (200 मिलियन) गरीब लोग है। अगर 1500 रूपए हर महीने इन लोगो को भत्ते के रूप में प्रदान किये जाएँ तो इससे सरकार पर 3 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ और बढ़ जाएगा। इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार और गरीब लोगों को हर महीनें एक निशचित राशी प्रदान करना है जिनकी आय का कोई स्रोत नहीं है। इस योजना में यह भी प्रावधान है कि योजना का पैसा महिलाओं के हाथ में दिया जाये जिससे वो पैसो का बेहतर ढंग से इश्तेमाल कर सकें।

योजना के अनुसार लाभार्थियों की पहचान SECC 2011 के आंकड़ों और जन धन खातों से की जाएगी। ये मासिक भत्ता योजना गरीबों और बेरोजगारों के लिए सहायक सिद्ध होगी लेकिन इस योजना को शुरू करना और सही लाभार्थी की पहचान कर इस योजना का लाभ प्रदान करना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस योजना को शुरू करने का विचार दुनियां भर में चल रही बुनियादी आय योजनओ से प्राप्त किया गया है। हाल ही में फिनलैंड(Finland ) की सरकार ने किसी भी बेरोजगार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने लिए एक बुनियादी आय योजना की घोषणा की है। ब्रिटेन सरकार(UK ) भी अपने देश के बेरोजगारों को एक निर्धारित भत्ता प्रदान कर रही है।

गरीबों और बेरोजगार लोंगो के लिए ऐसी योजनाओं को भारत के कई राज्यों में स्वतंत्र रूप से चलाया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने भी हाल ही में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए सक्षंम युवा योजना की शुरूवात की है।

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